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  • व्हेज चीज आणि नॉनव्हेज चीज

    व्हेज चीज आणि नॉनव्हेज चीज

    व्हेज चीज आणि नॉनव्हेज चीज चायनीज खाद्यप्रकाराबरोबरच आता इटालियन, लेबनीज, कोरियन असे अनेक विदेशी खाद्यप्रकार गेल्या काही वर्षात भारतात लोकप्रिय होत चालले आहेत. ह्या खाद्यप्रकारांमध्ये बर्‍याच वेळा “चीज” वापरले जाते. चीज हा प्रकार जरी भारतामध्ये अनेक वर्षं मिळत असला तरी मागच्या काही वर्षांमध्ये “चीज”ची आवड लोकांमध्ये खूपच वाढली आहे. सद्‌गुरु अनिरुद्ध बापूंनी (डॉ. अनिरुध्द जोशी) ... ...

  • स्वयं को कोसते रहने की प्रवृत्ति और झूठा मैं (Self Blaming Tendency and False Self) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

    स्वयं को कोसते रहने की प्रवृत्ति और झूठा मैं (Self Blaming Tendency and False Self) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

    स्वयं को कोसते रहने की प्रवृत्ति और झूठा मैं| मनुष्य के हाथों जो गलती हुई है, उसका एहसास रखकर, उसे भगवान के पास उसे कबूल कर, उसे सुधारने का प्रयास भक्तिशील बनकर मानव को अवश्य करना चाहिए। उस गलती के लिए स्वयं को बार बार कोसते नहीं रहना चाहिए। मनुष्य के इस तरह स्वयं को ... ...

  • Diwali Wishes to all Shraddhavans

    Diwali Wishes to all Shraddhavans

    Yesterday we celebrated Shree Dhanalaxmi – Shree Yantra Poojan at Shree Harigurugram. Sadguru Bapu could not make it to the utsav as He is currently tied up in the preparations for the much eagerly awaited Shree-Shwasam. Diwali celebrations are already under way. Brightly lit homes, lot of sweets and goodies and last but not the ... ...

  • विचारशृंखला की शुरुआत- भाग २ (Beginning of the Thought Process- Part 2 – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014)

    विचारशृंखला की शुरुआत- भाग २ (Beginning of the Thought Process- Part 2 – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014)

    विचारशृंखला की शुरुआत- भाग २ प्रसव के समय गर्भ की स्थिति-गति का परिणाम उस शिशु के यानी मानव के मन पर होता है। उस अवस्था में जिन परिवर्तनों से वह गुजरता है, उसके परिणामस्वरूप उस प्रकार के विचार दृढ होते हैं। गर्भस्थ शिशु अवस्था से शुरू होनेवाली इस विचार-शृंखला के बारे में परम पूज्य सद्गुरु ... ...

  • विचारशृंखला की शुरुआत – भाग १ (Beginning of the Thought Process – Part 1) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

    विचारशृंखला की शुरुआत – भाग १ (Beginning of the Thought Process – Part 1) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

    विचारशृंखला की शुरुआत| कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि उसके मन में पहला विचार कब आया था। गर्भस्थ शिशु अवस्था से ही मानव के मन में विचार आते रहते हैं यानी माँ की कोख से जन्म लेने से पहले भी गर्भस्थ शिशु अवस्था में भी मानव सोचता रहता है। विचारों की इस शृंखला ... ...