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परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १८ फरवरी २०१६ के पितृवचनम् में ‘जीवन के विकास के लिये हर एक आवशक्यता पूरी करनेवाले ये ब्रम्हणस्पति हैं’ इस बारे में बताया। ये ब्रह्मणस्पति जो है, हमारे जीवन के विकास के लिये जिस जिस चीज की भी आवश्यकता है, उसे हम तक पहुँचाने वाला, स्रोतों को जो अवरोध होता है उसे काटनेवाला और स्रोत को खुला करनेवाला, हमारा सहायक है, बुद्धिदाता है, विघ्नांतक

संघर्ष से विकास होता है (The Struggle brings the Growth) - Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २८ एप्रिल २०१६ के पितृवचनम् में  ‘संघर्ष से विकास होता है’, इस बारे में बताया। संघर्ष क्या है? संघर्ष। कौन सही या कौन गलत ये decide करने के लिये नहीं होता। संघर्ष होता है, विकास के लिये। संघर्ष किस लिये होना चहिये? विकास के लिये। मेरी भी भलाई हो और सामनेवाले की भी भलाई हो। जैसे, स्कूल में देखो, डिबेट रहती है, वाद विवाद

भारतीय अर्थव्यवस्था  से जुडी महत्वपूर्ण गतिविधियां

प्रधानमंत्री के हाथों १०० लाख करोड़ की ‘गतिशक्ति’ योजना का शुभारंभ – पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग और कनेक्टिविटी प्रकल्पों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को बल प्रदान होगा देश में योजना बनाकर बुनियादी सुविधाओं का विकास करके कनेक्टिविटी बढ़ाने की १०० लाख करोड़ रुपए की योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार के दिन किया। ‘पीएम गतिशक्ति नैशनल मास्टर प्लैन’ के तहत देश में बुनियादी सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क

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लेबनान से लाखों लोग अन्य देशों में प्रवेश करेंगे – लेबनीज अध्ययन मंडल का इशारा दुबई – लेबनान में राजनीतिक और आर्थिक संकट भयंकर हो गया है। इस वजह से लाखों लेबनीज नागरिक भागकर पश्‍चिमी या अरब देशों में जाने की तैयारी में होने का इशारा लेबनान के अध्ययन मंडल ने दिया है। इसी बीच, देश को बचाना है तो एक हफ्ते में सरकार का गठन करें, यह आवाहन लेबनान के

तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा: - २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०३ मार्च २००५ के प्रवचन में ‘तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा: – २’ इस बारे में बताया। जब वो, देखिये भाई, जब तक एकरूप थी, है अद्‍वैतता, दो नहीं थे, एक ही था। तो कौन किसकी भक्ति करेगा, कौन किससे प्यार करेगा? प्यार करने के लिए तो द्वैत तो होना चाहिए। दो लोग चाहिए एक-दूसरे से प्यार करते हैं। तो विभक्त होके ही, तो उसने प्यार करना शुरू

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ॐ जनन्यै नम:

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०३ मार्च २००५ के पितृवचनम् में ‘ॐ जनन्यै नम:(Om Jananyai Namah)’ इस बारे में बताया। ॐ जनन्यै नम:। जननी, यानी जन्म देने वाली, यानी माँ, माता। जो सबकी माता हैं, जो सबका जनन करती हैं ऐसी राधाजी को मेरा प्रणाम रहे। ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।’ ऋषिवर कहते हैं कि जननी और जन्मभूमि, यानी मुझे जन्म देने वाली मेरी माता और मेरी जन्मभूमि जो है, मेरा देश

चिनी हुकूमत

ऑस्ट्रेलिया को पश्‍चिमी देशों से अलग करने की चीन की कोशिश – अमरिकी वरिष्ठ अधिकारी का आरोप वॉशिंग्टन/कैनबेरा/बीजिंग – चीन ‘ऑस्ट्रेलिया को समविचारी पश्‍चिमी देशों के गुट से अलग करने की कोशिश कर रहा हैं’, ऐसा अमरीका का विचार है। ऑस्ट्रेलिया पर इसका क्या असर पड़ेगा और क्या ऑस्ट्रेलिया के नज़रिये में इससे बदलाव आता है, यही उद्देश्‍य इसके पीछे है’, यह आरोप ‘इंडो-पैसिफिक’ क्षेत्र के लिए नियुक्त अमरीका के

रक्षा क्षेत्र से जुडी गतिविधियां

देेश की पहली स्वदेश ड्रोन डिफेन्स डोम सिस्टिम ‘इंद्रजाल’ विकसित नई दिल्ली – हाल ही में जम्मू के वायुसेना के अड्डे पर ड्रोन द्वारा दो आतंकवादी हमले किए गए थे। देश में पहली बार इस प्रकार ड्रोन द्वारा हमले हुए हैं। इससे सुरक्षा यंत्रणा के सामने नईं चुनौतियाँ खड़ी हुईं हैं। इस पृष्ठभूमि पर एक गौरतलब खबर सामने आई है। रोबोटिक्स क्षेत्र में काम करनेवाली ‘ग्रेन रोबोटिक्स’ इस प्राइवेट कंपनी

India Economy

केंद्र सरकार ने बढ़ाया खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से संबंधित अहम निर्णय हुआ है। खरीफ मौसम के लगभग सभी फसलों की ‘एमएसपी’ बढ़ाने का निर्णय हुआ है। खास तौर पर दाल एवं तेल बीज की ‘एमएसपी’ में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। वर्ष २०२१-२२ के खरीफ मौसम की फसलों का